मार्ग का अधिकार

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कई बार वाहन चलाते समय आपने सोचा होगा कि सड़क पर पहले जाने का अधिकार किसे है। "मार्ग-अधिकार" हमारी भलाई के लिए बनाये गए नियमों में सबसे भ्रामक वैधानिक अधिकारों की सूची में आता है। हालाँकि इसके बारे में पढ़ने पर आपको यह स्पष्टता से समझ आ जाएगा, परन्तु जानकारी व जागरूकता के अभाव के चलते लोगों को इसे समझना थोड़ा कठिन लगता है। यदि आपको भी यही समस्या है, तो इसे समझने में हम आपकी मदद करेंगे।

मार्ग का अधिकार क्या है?


यह एक कानूनी अधिकार है जो एक नागरिक को कुछ शर्तों के साथ आपको एक विशिष्ट मार्ग से जाने की अनुमति देता है। मार्ग का तात्पर्य यहाँ पर मोटर वाहनों के चलने योग्य सड़क से है।

रास्ते का अधिकार वस्तुतः एक अधिकार नहीं है। अपितु यह हमें बताता है कि कब सड़क पर अन्य लोगों को अपने से पहले जाने दें।

मार्ग-अधिकार का महत्व


चूँकि मार्ग-अधिकार पथिकों एवम् वाहन चालकों को मार्ग पर जाने का अधिकार देता है, अतः इसकी अवधारणा को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बारे में विस्तार से जानना कानून की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि विधान आपको मार्ग-अधिकार कुछ विशिष्ट परिस्थितियों के अंतर्गत ही प्रदान करता है।

मार्ग-अधिकार का सही उपयोग करना बहुत आवश्यक है, ताकि सड़क पर दुर्घटनाओं से बचा जा सके। यहाँ उनमें से ही कुछ महत्वपूर्ण परिस्थियों का उल्लेख किया गया हैं। तो देखिये कुछ अलग-अलग परिदृश्य जिनमें इस वैधानिक अधिकार का उपयोग करना महत्वपूर्ण हो जाता है।

चौराहों पर


चौराहे तथा तिराहे सड़कों के सबसे व्यस्त भाग होते हैं और बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं यहां पर या उसके आसपास होती हैं। चौराहों पर सही तरीके से चलने से दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

  • ऐसे चौराहों जहाँ पर कोई संकेत या सिग्नल नहीं है, दाईं ओर से आने वाले किसी भी वाहन के लिए मार्ग देना महत्वपूर्ण है।
  • एक ऐसे चौराहे पर, जहाँ चारों कोनों पर रुकने के संकेत हैं, अपने वाहन को रोकना आवश्यक है। इसके साथ ही यह भी जाँच करें कि क्या वहाँ अन्य वाहन भी प्रतीक्षारत हैं। अंत में, "मार्ग-अधिकार" उस वाहन के पास होता जो स्टॉप सिग्नल पर आपसे पहले आया है।
  • यदि एक ही चौराहे पर, दो वाहन एक ही समय पर स्टॉप सिग्नल पर आते हैं, तो बाईं ओर के वाहन को दाहिने ओर वाले वाहन को मार्ग-अधिकार देना चाहिए।

रास्ते पर मुड़ते समय


किसी भी चौराहे पर मुड़ते समय आपको इस सरल नियम का पालन करने की आवश्यकता है:-

चाहे आपको बाएं मुड़ना हो या दाएं, सभी वाहनों एवं पदयात्रियों के निकलने की प्रतीक्षा करें एवं जब सुरक्षित हो तभी मुड़ें।

अन्य परिस्थितियों में "मार्ग-अधिकार" का उपयोग


  • जब आप किसी चौराहे पर "रास्ता दिजिए" का चिन्ह देखते हैं, तो सभी वाहन चालकों से यह अपेक्षा की जाती है कि वह आवश्यकतानुसार वाहन की गति धीमी करें या पूरी तरह से ठहर जाएं। अन्य दिशा से आने वाले वाहनों को जाने दो एवं सुरक्षित होने पर ही आगे बढ़ें।
  • पदमार्ग (फुटपाथ) पर चलने वाले या चौराहे को पार करते हुए व्यक्तियों का सड़क पर सदैव ही सर्वप्रथम अधिकार होता है। वाहन चालकों का कर्तव्य है कि सदैव ही उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर वाहन चलाएं और उन्हें पहले जाने दें।
  • सदैव ध्यान रखें कि जब आप किसी सड़क पर प्रवेश करते हैं तो उस सड़क पर पहले से ही चलते हुए वाहनों का प्रथम अधिकार होता है। सभी वाहनों एवं पद यात्रियों के निकलने की प्रतीक्षा करें एवं जब सुरक्षित हो तब आप सड़क पर प्रवेश करें।
  • पदयात्रियों एवं साइकिल चालकों के लिए आरक्षित मार्ग पर विशेष सावधानी बरतें। इन मार्गों पर वाहन चालकों का अधिकार सबसे बाद में होता है।

आशा है कि आपके "मार्ग के अधिकार" से संबंधित भ्रांतियां दूर हो गई होंगी। सड़क पर चलते समय सबकी सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। अतः कभी भी सड़क पर यातायात में घुसपैठ करने की चेष्टा ना करें एवं यथासंभव यातायात को सुरक्षित एवं सुचारू रूप से चलने में सहायक बने।

 

 

शब्द ज्ञान

तूलवृक्ष (संज्ञा)

अर्थ:- एक बहुत बड़ा वृक्ष जिसमें लाल फूल आते हैं।

उदाहरण:- सेमल के फलों में गुदा के स्थान पर रूई होती है।

पर्यायवाची:- अहिका, कंटकारी, कण्टकारी, तूलफला, दीर्घद्रुम, द्रुमकंटिका, द्रुमकण्टिका, पूरणी, मतिदा, याम्यद्रुम, रक्तपुष्पक, रक्तपुष्पा, रक्तफल, शल्मलि, शल्मली, शाल्मलि, शाल्मली, शुकफल, सेमर, सेमर वृक्ष, सेमल, सेम्हर